
घर आने तक काफी अँधेरा हो गया था. तो मेरे बेटे को भी नींद आ रही थी, सो हम सब अपने अपने कमरे में सोने के लिए चले गए.
शर्म के मारे मैं बाबूजी से आँख नहीं मिला पा रही थी,

घर आने तक काफी अँधेरा हो गया था. तो मेरे बेटे को भी नींद आ रही थी, सो हम सब अपने अपने कमरे में सोने के लिए चले गए.
शर्म के मारे मैं बाबूजी से आँख नहीं मिला पा रही थी,
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