
मैंने हाथ बढ़ाके उसकी एक चुचि अपने पंजे में भर ली और बोला: जब हम दोनों नहीं बताएँगे तो उसे कैसे पता चलेगा?
वो बोली:डैडी, कार चलाइए ध्यान से,और मेरा हाथ हटाके बोली:क्या कर रहें हैं, प्लीज़ मुझे डर लग रहा है। तभी घर आ गया और हम अंदर पहुँचे। अंदर आकर मैंने अपना उतावलापन दिखाते हुए उसको अपनी बाहों में भर लिया,उसने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश की तो मैंने उसको छोड़ दिया।







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